उत्सवपूर्ण हो संघर्ष हमारे
हम सब महिलायें खुद के बारे में बहुत कम सोच पाती है | जब वे खुद के लिए समय, आराम, मनोरंजन,ज्ञान ध्यान और देखभाल चाहती है तो उनका खुद का सहयोगी ढांचा और समाज की वयवस्था उनके साथ नहीं होती | महिला हिंसा रोकथाम के लिए कार्यरत महिला साथी इस मुश्किल से जयादा जूझते है |
उत्सवपूर्ण हो संघर्ष हमारे साथ मिल कर भावनाओं , श्वास, विचार , आराम और शरीर को समझने का मौका है | सामजिक सोच कैसे महिलाओं को खुद की देखभाल से बाहर रखती है को समझते है और साझी सहयोगी वयवस्था को बनाते हुए खुद के साथ काम करते है | यहाँ हमखुद को अभिवयक्त करने के लिए कला,मेडिटेशन तकनीक , केथार्सिस ,ड्रामा, संगीत जैसी कई विधाओं का इस्तेमाल करते है |