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कार्यस्थल पर यौन हिंसा मुक्त वातावरण व यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति

कार्यस्थल पर यौन हिंसा कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध व प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत कानूनन अपराध है। यह कानून 1989 में राजस्थान में एक साथिन के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना विरोध में लड़ी गई लंबी लड़ाई का परिणाम है। महिला संस्थाओं (विशाखा व अन्य) द्वारा दायर जनहित याचिका के आधार पर उच्चतम न्यायालय में महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम हेतु दिशा निर्देश दिए। जिसे विशाखा फैसले के नाम से भी जाना जाता है। 2013 में इस फैसले के आधार पर कानून बना।   विशाखा अपने कार्यस्थलों को लिंग भेदभाव व उत्पीड़न मुक्त स्थल मानती है।

क्या है कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन

कोई भी अनइच्छित यौनिकता से संचालित व्यवहार  (Any unwelcome sexually determined behavior)   जिसमें

  • शारीरिक संपर्क या उसकी कोशिश।
  • यौनसंपर्क के लिए दबाव या अनुरोध।
  • अश्लील बात कहना।
  • कामुक (अश्लील चित्र), फोटो, पोस्टर दिखाना।
  • बोलकर बिना बोले भद्दे इशारे करना/ अंग प्रदर्शन

यौन उत्पीड़न के अदाहरण

मौखिक उत्पीड़न सम्बन्धित आचरण

  • यौन संकेत से भरी टिप्पणियां, सांकेतिक टिप्पणियां, द्विअर्थी टिप्पणियां।
  • मां, बहन की गालियों का प्रयोग।
  • अश्लील टिप्पणियां, अश्लील मजाक करना, अश्लील गीत गाना।
  • व्यक्तिगत रूप, रंग सम्बन्धित टिप्पणी करना, खास तौर से शरीर के अंगों के बारे में टिप्पणी करना।
  • देर रात फोन करना, बेनामी फोन करना।

 

गैर मौखिक उत्पीडन

  • महिला कर्मचारी के शरीर को गलत नजरो से घूरना
  • अश्लील दृष्य साम्रगी का प्रदर्षन
  • यौनिक इषारे करना
  • किसी महिला का दफ्तर आना कठिन बना देना
  • शारीरिक सम्पर्क या उसका प्रस्ताव।
  • छूना, नौचना, झपटना, पीछा करना।
  • अश्लील दृश्य, सामग्री दिखाना, अश्लील मेल भेजना, यौनिक हमला।
  • काम की बात करते समय दरवाजा बंद कर देना।
  • गलत उद्देष्य से रास्ता रोकना या कोने में घेरना

 

शशीरिक उत्पीड़न सम्बन्धित यौन आचरण

  • जबरन बहुत देर तक हाथ मिलाना
  • बलात्कार अथवा उसका प्रयास करना
  • किसी के शरीर को भूखी नजरों से घूरना या यौनिक इशारे करना।

 

समिति के प्रमुख कार्य

  • कार्यस्थल पर यौन हिंसा मुक्त वातावरण का प्रचार-प्रसार करना।
  • कार्यस्थल पर ऐसा वातावरण सुनिश्चित करना जिसमें-
  • समता का अधिकार हो।
  • जेण्डर आधारित भेदभाव ना हो।
  • पीड़ित पक्ष को सुनना व समाधान के कानून के तहत आदेष/सुझाव संस्था को देना।
  • जेण्डर भेद को कम करने हेतु सुझाव देना।

वार्षिक रपट प्रकाशित करना जिसमें समिति को आई चुनौतियां, भविष्य के लिए सुझाव व समिति का वार्षिक कार्य विवरण हो।

 

विशाखा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति: आन्तरिक समिति सदस्य

अध्यक्षा    –            सुश्री रचना शर्मा

महिला एक्टिविस्ट-  सुश्री विजयलक्ष्मी जोशी

सचिव     –              सुश्री कविता

सदस्य    –             सुश्री शबनम

सुश्री मंजू नांगल

सुश्री उमा

श्री प्रनेश

संस्था के सभी महिला कार्यकर्ता छोटी से छोटी घटना व संदर्भो को संस्था सचिव, समन्वयक एवं सहयोग दल के सदस्यों के साथ बांट सकते हैं। इसके साथ ही किसी भी स्थिति में कमेटी अध्यक्षा से  8860632028 पर सीधे सम्पर्क कर सकते हैं । कार्यवाही की मांग कर सकते हैं, काउन्सलिंग ले सकते हैं, सुझाव दे सकते हैं। इस समिति को प्राप्त शिकायत व बातचीत को पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। इसे आपके चाहने पर ही किसी के साथ बांटा जा पाएगा।